Thyroid Problem : man & women
थायरॉइड
क्या है ? जानिये, इसके लक्षण, कारण और खानपान में रखी
जानें वाली मुख्य सावधानियां :-
विशेषज्ञों के
अनुसार, महिलाओं में थायरॉइड की समस्या पुरुषों की
तुलना मे ज्यादा देखी जा रही है। हाईथायरॉइडिज्म की शिकार
महिलाएं पुरुषों से लगभग तीन गुना अधिक हैं। थायरॉइड पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होता है, लेकिन आज-कल की जीवनशैली, गलत खानपान के कारण अब पुरुष भी
इससे अछूते नहीं रह गये है । थायरॉइड के लक्षण जल्दी समझ में नहीं आते हैं, जिसके
करण काफी परेशानी आती है ।
जानिए, क्या है थायरॉइड, इसके
मुख्य लक्षण, कारण, उपचार और
खानपान की
कुछ सावधानियों के बारे में:--
भारत में थायरॉइड डिसऑर्डर के मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। कहीं
ज्यादा थायरॉइड की समस्या हाइपोथायरॉइडिज्म, हाइपरथायरॉइडिज्म, हाशिमोटो
थायरॉइडिटिस और थायरॉइड कैंसर जैसी थायरॉइड से जुड़ी बीमारियों के शिकार लोग अधिक हो रहे हैं।
क्या
है थायरॉइड ? :-
थायरॉइड एक तितली के आकार की ग्लैंड होती है, जो गर्दन के सामने वाले हिस्से में स्थित होती
है। यह शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम का एक मुख्य हिस्सा है। इससे निकलने वाले
हॉर्मोन शरीर के विभिन्न अंगों के कार्यों को प्रभावित करते हैं। थायरॉइड हार्मोन
शरीर की मेटाबॉलिक रेट पर नियंत्रण बनाए रखता है। अक्सर इससे पीड़ित लोगों को पता
ही नहीं होता कि वो इस रोग के शिकार हो चुके हैं। दरअसल,
इसके लक्षण बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करते हैं। हाइपोथायरॉइडिज्म
एंडोक्राइन सिस्टम की बीमारी है, जिसमें थायरॉइड ग्लैंड
पर्याप्त मात्रा में थायरॉइड हार्मोन नहीं बना पाती।
थायरॉइड
के लक्षण :-
थायरॉइड होने पर आपको हमेशा थकाना महसूस होगी। सुस्ती आती रहेगी, जो एक गंभीर लक्षण है। वजन
बढ़ने लगता है या कम होने लगता है। कब्ज, अन्य
गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल बीमारियां भी हो सकती हैं। ठंड अधिक लग सकती है। हाथों-पैरों
में सूजन, मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन रहना, महिलाओं में अनियमित रूप से खून आने की समस्या, गर्भधारण
करने में मुश्किल आने जैसे कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं।
पुरुषों में थायरॉइड (Thyroid in Men) होने पर क्या-क्या लक्षण नजर आते
हैं :-
थकान महसूस होना
:-
यदि आपको सारा दिन थकान और आलस महसूस हो रहा है, तो इन समस्याओं का कारण थायरॉइड (Thyroid symptoms in Men) हो सकता है। यदि आपकी नाड़ी धीमी चलती है, तो ये भी
थायरॉइड के संकेत हो सकते हैं। अक्सर, ये सभी समस्याएं अन्य
शारीरिक परेशानियों के कारण भी होती हैं, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज
कर देते हैं और बीमार होते हुए भी बीमारी को समझ नहीं पाते ,जिसका गंभीर परिणाम
उन्हें भुगतना होता है i
डिप्रेशन की समस्या :-
यदि आप चीजों को भूलने लगे हैं अक्सर आप कुछ भूल जाते हैं और
अवसाद,
तनाव की समस्या हो गई है, तो ये भी आपके थायरॉइड
से संबंधित लक्षण हो सकते हैं। ये सभी परेशानियां शारीरिक प्रक्रियाओं कि गति के धीमे
होने से होती हैं। यदि आप कुछ दिनों से चिड़चिड़े रहने लगे हैं, और बार –बार आपको गुस्सा आ रहा है तो ये भी थायरॉइड का लक्षण हो सकता है।
मांसपेशियों में दर्द :-
लगातार मांस मांसपेशियों में दर्द रहना, कमर
व कंधे में ऐंठन होना वहाँ भी दर्द रहना इस तरफ इशारा करता है कि आप थायरॉइड की गिरफ़्त
में आ चुके हैं। पैर के निचले भाग की मांसपेशियों में कमजोरी महसूस करना, घुटनों, हाथों-पैरों के ज्वाइंट्स में सूजन महसूस करना
भी कई बार थायरॉइड की समस्या में होता है। हालांकि, ऐसे
लक्षण कई अन्य शारीरिक समस्याओं में होते हैं। उचित होगा कि आप डॉक्टर से संपर्क
कर लें।
वजन
बढ़ना :-
यदि आपको लग रहा है कि पिछले एक-दो महीनों में आपका वजन काफी
बढ़ा है,
तो इसे आप हल्के में ना लें। वह भी तब, जब ना
आप अधिक खाते हों और व्यायाम ना कर रहे हों। यह थायरॉइड का संकेत हो सकता है।
हेयर फॉल और स्किन प्रॉब्लम :-
पुरुषों में थायरॉइड होने से उनके बाल मोटे और शुष्क हो जाते
हैं और बेजान हो जाते है । स्किन काफी ड्राई रहने लगती है और पीली नजर आती है। यदि
त्वचा पीली दिखने लगे, तो डॉक्टर के पास तुरंत जाएं। हो सकता है
आपको पीलिया हो या फिर थायरॉइड।
कब्ज :-
कब्ज की समस्या लगातार बनी हुई है, तो
यह थायरॉइड का सामन्य लक्षण हो सकता है। इसके आलावा, पुरुषों
में लो ब्लड प्रेशर, सांस लेने में कमी, शरीर का तापमान कम होता नजर आए तो एक बार थायरॉइड की जांच अवस्य करवा लें।
देर करने पर थायरॉइड आपकी सेहत के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है।
थायरॉइड
होने पर क्या हो सकता है :-
थॉयराइड की
समस्याओं के
कारण थायरॉइड ग्लैंड में सूजन आ जाती है, जिसे गॉयटर कहा
जाता है। यह थायरॉइड की एक आम बीमारी है। यदि आपको थायरॉइड गॉयटर है, तो आपको निगलने और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। आवाज में घरघराहट हो
सकती है।
थायरॉइड
होने पर रखें खानपान का खास ध्यान :-
- अपने भोजन में पर्याप्त मात्रा में आयोडीन शामिल करें। जब भी आप थायरॉइड की दवा लें, तो तीन-चार घंटे तक पत्तागोभी, ब्रोकोली, गोभी, पालक और सोया उत्पादों, आयरन एवं कैल्शियम सप्लीमेंट के सेवन करने से बचें। जिन्हें हाइपरथायरॉइड है, उन्हें अपने खानपान में फाइबर अवस्य शामिल करना चाहिए। सब्जियों, फलों, मेवों और साबुत अनाज का सेवन उन्हें भरपूर मात्रा में करना चाहिये।
- खानपान से संबंधित कोई भी जानकारी डॉक्टर से ही लेना उचित रहेगा। थायरॉइड का इलाज संभव नहीं है, लेकिन इसे नियंत्रण में रखा जा सकता है। इसके लिए आपको नियमित रूप से थायरॉइड की जांच करवानी होगी। पानी अधिक मात्रा में पीते रहना होगा। हाइपोथायरॉइड के मरीज को रोजाना 8-10 गिलास पानी अवस्य पीना चाहिए, इससे इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है।
- नियमित रूप से व्यायाम करें। इससे शरीर में इंसुलिन का स्तर सामान्य बना रहता है। कार्डियोवैस्कुलर व्यायाम, वेट ट्रेनिंग व्यायाम भी करना सही होगा। एक्सरसाइज से थायरॉइड कंट्रोल में रहता है। धूम्रपान और शराब का सेवन बिल्कुल ना करें क्योंकि शराब के कारण थायरॉइड ग्रन्थि ठीक से काम नहीं कर पाती है।
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