हल्दी के फायदे :-
विवाह ,पूजा–पाठ और किसी भी प्रकार का शुभ कार्य हो
उसमे हल्दी का इस्तेमाल जरूर होता है यह
बात सभी जानते है।
चोट लगने पर हमारे घर मे सबसे पहले हल्दी वाला दूध पिलाया जाता है, एक मामूली हल्दी अलग–अलग कार्यो मे कैसे लाभदायक होती है। इस लेख मे हम हल्दी के औषधीय गुणों व वैज्ञानिक तौर पर हल्दी के फायदे क्या है, इसको बताने का प्रयास करेंगे--
.मुख्य रूप से भारत व दक्षिण –पूर्वी एशिया मे इसकी खेती होती है। हल्दी के पेड की सूखी जड़ को पीस कर हल्दी पाउडर बनाया जाता है। इसका रंग प्राक्रतिक रूप से पीला होता है। हमारे घर मे हल्दी का प्रयोग सब्जी या दाल बनाते समय किया जाता है जिससे भोजन का स्वाद बढ़ जाता है और वो सेहत के लिए भी अच्छा होता है। इसी वजह से हल्दी को बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि मन जाता है। इस पर बहुत से वैज्ञानिक शोध हो चुके है और आगे भी हो रहे हैं।
चोट लगने पर हमारे घर मे सबसे पहले हल्दी वाला दूध पिलाया जाता है, एक मामूली हल्दी अलग–अलग कार्यो मे कैसे लाभदायक होती है। इस लेख मे हम हल्दी के औषधीय गुणों व वैज्ञानिक तौर पर हल्दी के फायदे क्या है, इसको बताने का प्रयास करेंगे--
.मुख्य रूप से भारत व दक्षिण –पूर्वी एशिया मे इसकी खेती होती है। हल्दी के पेड की सूखी जड़ को पीस कर हल्दी पाउडर बनाया जाता है। इसका रंग प्राक्रतिक रूप से पीला होता है। हमारे घर मे हल्दी का प्रयोग सब्जी या दाल बनाते समय किया जाता है जिससे भोजन का स्वाद बढ़ जाता है और वो सेहत के लिए भी अच्छा होता है। इसी वजह से हल्दी को बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि मन जाता है। इस पर बहुत से वैज्ञानिक शोध हो चुके है और आगे भी हो रहे हैं।
तमाम वैज्ञानिक शोधो मे हल्दी के फायदे की पुष्टि
की गयी है। एक शोध के अनुसार हल्दी मे 'करक्यूमिन ' नमक तत्व होता है, जो पौक्रियाज
कैंसर को ठीक करने मे सक्षम है। एक और शोध के अनुसार हल्दी मे एंटीइफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है।
इस लेख मे हल्दी व उसके मुख्य तत्व करक्यूमिन के बारे
मे बताने का प्रयास कर रहे है। -
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| हल्दी के फायदे ! |
आकड़ो के अनुसार हल्दी मे मैग्नीशियम, आयरन, फाइबर, पोटैशियम, विटामिन-बी-6, विटामिन-सी, एंटीइफ्लेमेटरी व एंटीऑक्सीडेंट का मुख्य
स्त्रोत माना गया है।
हल्दी का प्रयोग करने से वसा को पचाना, गैस व
बदहजमी जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है। कील-मुहासों, एक्जिमा, शारीर मे किसी
जगह पर आई सूजन को ठीक करने मे हल्दी को बहुत ही गुणकारी माना गया है ।
हल्दी मे करक्यूमिन नामक तत्व होता है जो अर्थराइटिस
व कैंसर जैसी कई समस्याओं से निजात दिलाता
है। हल्दी के औषधीय गुण हमारे लिए बहुत अधिक लाभदायक हो सकते है।
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1- शुगर (Diabetes):- शोधकर्ताओ के अनुसार करक्यूमिन खून मे ग्लूकोज के स्तर को कम कर सकता है, इससे शुगर मे राहत हो सकती है। एक अन्य शोध
के अनुसार शुगर के मरीज़ को करीब 8 महीने तक करक्यूमिन को दवा के रूप मे देने पर
मरीज़ मे आश्चर्यचकित परिणाम प्राप्त हुए .इन अध्ययनों के अनुसार शोधकर्ताओं ने माना की हल्दी के इस्तेमाल से टाइप - 1 डायबिटीज से पीड़ित मरीज का इम्यूनो सिस्टम बेहतर हो सकता है।
2- कैंसर(cancer ) :- हल्दी कैंसर से लड़ती है और बढ़ने से भी रोक देती है। हल्दी एंटी कैंसर युक्त होती है। कई शोधकर्ताओं ने भी माना कि हल्दी के प्रयोग से कैंसर की रोक थाम की जा सकती है। शोध के समय पाया गया कि कैंसर ग्रस्त मरीजों को हल्दी देने से उनके कैंसर का आकार छोटा हो गया था, और कैंसर को ख़त्म करने में सक्षम इम्यूनो सिस्टम में मौजूद केमिकल भी सक्रिय हो जाते है। एक शोधकर्ता का कहना है कि यदि आप सप्ताह में 3 दिन हल्दी वाला पानी पीयेंगे तो भविष्य में हमेशा कैंसर से बचे रहेंगे । इसलिए कैंसर से बचने के लिए हल्दी का उपयोग किया जा सकता है।
3- हृदय रोग(Heart disease) :- हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण हृदय को अनेक रोगो से बचाये रहते हैं। हल्दी का मुख्य तत्व करक्यूमिन कोलेस्ट्राल स्तर को कम करता है। इससे हृदय स्वस्थ्य बना रहता है। करक्यूमिन धमनियों में रक्त के थक्के बनने नहीं देता इससे ह्रदय अच्छी तरह से काम करता है। एक शोधकर्ता के अनुसार हृदय की समस्या से परेशान लोगों को हल्दी वाला पानी पीना चाहिए। हल्दी ख़ून को गाढ़ा होने से बचाती है , जिससे हार्ट अटैक कि संभावना कम हो जाती है।
इसलिए कहा जा सकता है की हल्दी के नियमित प्रयोग से हृदय भी स्वस्थ्य रहता है।
4- लीवर (liver ):- हल्दी का इस्तेमाल शरीर को डिटॉक्सीफाई करने के लिए किया जाता है। करक्यूमिन गाल ब्लेडर में पित्त के उत्पादन को बढ़ाता है। लिवर इस पित्त का प्रयोग विषैले जीवाणुओं को बाहर निकालने में करता है। इसके अलावा पित्त के कारण लीवर के सेल्स को फिर से ठीक करता है। हल्दी के गुण लीवर को संक्रमण से भी बचाते हैं।
5- प्रतिरोधक क्षमता(Buffering capacity) :- हल्दी हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।
शोध में पाया गया कि करक्यूमिन हृदय रोग व मोटापे का कारण बनने वाले सेल्स को बनने से रोकता है। इसके साथ ही प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर टी ० वी ० का कारण बनने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को समाप्त कर देता है।
6- एंटीऑक्सीडेंट(antioxidant ):- हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाया जाता है। हल्दी के सेवन करने से शरीर अंदर जमे हुए विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं ,जिससे शरीर पर बढ़ती हुई उम्र का असर नहीं पड़ता। हल्दी में फ्री रेडिकल्स होते है जो सेहत और सौंदर्य को बढ़ाते हैं।
7- बालों का झड़ना(Hair fall) :- महिला व पुरुष दोनों में डाईहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन पाया जाता है। ऐसी अवस्था में हल्दी का मुख्य तत्व करक्यूमिन इसके निर्माण में रुकावट पैदा करके बालों को झड़ने से रोक सकता है। हल्दी के जरिये बालों कि कोशिकाओं को जरुरी पोषण मिलता है, जिससे बालों को बढ़ने में मदद मिलती है।
8- एन्टी-इम्फलेमेटरी(Anti-inflammatory) :- शरीर में किसी भी तरह की सूजन हो और वो किसी भी दवाई से सही न हो रही हो तो हल्दी का सेवन करे। हल्दी में करक्यूमिन तत्व सूजन और जोड़ों में होने वाले असहाय दर्द को ठीक कर देता है। हल्दी प्राकृतिक रूप से सूजन का मुकाबला करती है। सूजन कि अचूक दवा है हल्दी।
9- स्ट्रेच मार्क (stretch-marks) :- हल्दी में एन्टी-इम्फलेमेटरी व एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ त्वचा को साफ कर उसकी रंगत निखारने के गुण भी होते हैं। हल्दी के नियमित उपयोग से प्रेगनेंसी व प्रेगनेंसी के बाद नज़र आने वाले स्ट्रेच मार्क धीरे-धीरे काम होने लगते हैं। कुछ समय तक इसे लगातार लगाने से स्ट्रेच मार्क समाप्त भी हो सकते हैं।
10- खाँसी (cough):- हल्दी में एन्टी-इम्फलेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल व एंटी वायरल गुण होते हैं। आयुर्वेद में हल्दी को लाभकारी औषधि माना गया है। यह बैक्टीरिया और वायरस के कारण होने वाली बीमारियों पर प्रभावी तरीके से काम करती है। हल्दी सीने की जकड़न के साथ-साथ पुरानी खाँसी को भी ठीक कर सकती है।
11- प्राकृतिक एंटीसेप्टिक (natural antiseptic ):- एक शोध के अनुसार हलदी मे मौजूद 'करक्यूमिनोइडस ' 8 तरह के बैक्टीरिया से लड़ सकता है। इसके अलावा ये कई तरह के फंगस और वायरस से भी बचता है। इसके साथ ही हल्दी दाँत दर्द में भी बहुत ही लाभदायक हो सकती है।
12- मासिक धर्म में दर्द (menstrual cramps ):- कई महिलाओं को मासिक धर्म के समय अधिक दर्द व पेट में ऐठन की समस्या होती है। एक शोध के अनुसार करक्यूमिन में एन्टी-इम्फलेमेटरी गुण के कारण, मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को कम किया जा सकता है। इस समय दूध में हल्दी डाल कर पीने से फायदा हो सकता है।
हल्दी का उपयोग (use of turmeric ):- यहाँ पर हम कुछ तरीके बता रहे है जिसके जरिये आप प्रतिदिन हल्दी का उपयोग कर सकते है।----
8- एन्टी-इम्फलेमेटरी(Anti-inflammatory) :- शरीर में किसी भी तरह की सूजन हो और वो किसी भी दवाई से सही न हो रही हो तो हल्दी का सेवन करे। हल्दी में करक्यूमिन तत्व सूजन और जोड़ों में होने वाले असहाय दर्द को ठीक कर देता है। हल्दी प्राकृतिक रूप से सूजन का मुकाबला करती है। सूजन कि अचूक दवा है हल्दी।
9- स्ट्रेच मार्क (stretch-marks) :- हल्दी में एन्टी-इम्फलेमेटरी व एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ त्वचा को साफ कर उसकी रंगत निखारने के गुण भी होते हैं। हल्दी के नियमित उपयोग से प्रेगनेंसी व प्रेगनेंसी के बाद नज़र आने वाले स्ट्रेच मार्क धीरे-धीरे काम होने लगते हैं। कुछ समय तक इसे लगातार लगाने से स्ट्रेच मार्क समाप्त भी हो सकते हैं।
10- खाँसी (cough):- हल्दी में एन्टी-इम्फलेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल व एंटी वायरल गुण होते हैं। आयुर्वेद में हल्दी को लाभकारी औषधि माना गया है। यह बैक्टीरिया और वायरस के कारण होने वाली बीमारियों पर प्रभावी तरीके से काम करती है। हल्दी सीने की जकड़न के साथ-साथ पुरानी खाँसी को भी ठीक कर सकती है।
11- प्राकृतिक एंटीसेप्टिक (natural antiseptic ):- एक शोध के अनुसार हलदी मे मौजूद 'करक्यूमिनोइडस ' 8 तरह के बैक्टीरिया से लड़ सकता है। इसके अलावा ये कई तरह के फंगस और वायरस से भी बचता है। इसके साथ ही हल्दी दाँत दर्द में भी बहुत ही लाभदायक हो सकती है।
12- मासिक धर्म में दर्द (menstrual cramps ):- कई महिलाओं को मासिक धर्म के समय अधिक दर्द व पेट में ऐठन की समस्या होती है। एक शोध के अनुसार करक्यूमिन में एन्टी-इम्फलेमेटरी गुण के कारण, मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को कम किया जा सकता है। इस समय दूध में हल्दी डाल कर पीने से फायदा हो सकता है।
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| हल्दी के फायदे ! |
हल्दी का उपयोग (use of turmeric ):- यहाँ पर हम कुछ तरीके बता रहे है जिसके जरिये आप प्रतिदिन हल्दी का उपयोग कर सकते है।----
- खाना बनाते समय सब्जी और दाल में हल्दी का प्रयोग कर सकते है।
- हल्दी की चाय भी बना कर पी सकते है।
- सूप में भी थोड़ी सी हल्दी डाल कर पी सकते है।
- सलाद पर थोड़ी सी हल्दी डाल सकते है।
- उबली सब्जियों पर चुटकी भर हल्दी डाल सकते हैं।
- आजकल बहुत सी हेयर व स्किन केयर प्रोडक्ट में भी हल्दी का प्रयोग होता है।
- टूथपेस्ट में भी हल्दी का प्रयोग किया जा रहा है।
- यदि आपको किडनी स्टोन की समस्या है तो हल्दी वाले दूध का सेवन न करे। इससे आपकी समस्या और भी बढ़ सकती है क्योँकि हल्दी में ऑक्सालेट(oxalate) होता है।
- जो पीलिया(jaundice) से पीड़ित है, उन्हें हल्दी का सेवन नहीं करना चाहिए।
- हल्दी का उपयोग अधिक करने से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है, जिससे एनीमिया (anemia) हो सकता है।
- हल्दी गर्म होती है इसके अधिक सेवन करने से पेट में गर्मी , जी मिचलाना , उल्टी आना व दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- अगर कोई कीमोथेरेपी (chemotherapy)करवा रहा हो तो उसे भी हल्दी का सेवन नहीं करना चाहिए।
- हल्दी ख़ून के थक्कों को धीमा कर सकती है , जिससे रक्तस्राव की समस्या बढ़ सकती है।
- गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को हल्दी का सेवन करना चाहिए या नहीं, इसके बारे में स्पष्ट रूप से कहना मुश्किल है। इसके सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करे।
इस प्रकार हल्दी के फायदे और नुकसान दोनों है, इन तमाम फ़ायदों को जानने के बाद यह मन जा सकता है कि हल्दी गुणों का खजाना है। इसके प्रयोग से कई तरह की समस्याओं को ठीक किया जा सकता है। आप इसे सीमित मात्रा में अपने आहार में शामिल करें और स्वास्थ्य लाभ उठाये। हल्दी एक आयुर्वेदिक औषधि है, इस कारण से इसका असर धीरे-धीरे होता है। इसलिए धैर्य के साथ इसका सेवन करे और अच्छे सकारात्मक परिणाम का इंतजार करे।
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